Akbar Birbal Stories In Hindi|अकबर बीरबल की कहानियां

अकबर और बीरबल की कहानियां

Akbar birbal stories in hindi have lots of fun stories of king akbar and his adviser ,they were also good companions and in Akbar birbal stories in hindi there also moral of stories ,so you can teach your child good things .

In akbar birbal stories hindi you will find how birbal solved tricky questions of king akbar and also he got challenged sometimes from king akbar and got rewarded also.

Akbar Birbal Stories In Hindi

राजा अकबर और बीरबल के किस्से काफी लोकप्रिय है , अकबर बीरबल की कहानियां में आप पढेंगे ,उनके रोचक कहानियां आपको बतायेंगी की कैसे राजा अकबर द्वारा पूछे गए सवाल बीरबल द्वारा बड़ी ही बुद्धि के साथ हल किये गए और जब भी राजा अकबर मुसीबत में पड़े तो बीरबल ने अपनी समझदारी से उनकी मुसीबत हल की।

1 ) बीरबल और लालची दुकानदार

akbar birbal stories in hindi

एक बार बीरबल को शहर के लोगों ने आकर एक बर्तनों के दूकानदार के बारे में शिकायत की कि वह बहुत लालची है। उसे सबक सिखाओ। यह सुनकर बीरबल दुकानदार के पास गए और वहां से तीन बड़े-बड़े पतीले खरीद लाए।

कुछ दिन के बाद वह एक बहुत छोटी-सी पतीली लेकर लालची दुकानदार के पास पहुंचे और बोले, “यह आपके बड़े पतीले ने बच्चा दिया, कृपया इसे रख लें।” दूकानदार बहुत खुश हुआ और ख़ुशी-ख़ुशी छोटी पतीली ले ली।

कुछ दिन के बाद बीरबल एक बड़ा पतीला लेकर दूकानदार के पास गए और बोले, “मुझे यह पतीली पसंद नहीं आई, आप मेरे पैसे मुझे वापस कर दीजिये।”
दुकानदार बोला, “लेकिन यह तो सिर्फ एक ही है, जबकि मैंने तुम्हें तीन पतीले दिए थे।”

बीरबल ने कहा, “जी, असल में दो पतीलों कि मृत्यु हो गई है ” दुकानदार ने जवाब दिया, “जाओ-जाओ क्यों बेवक़ूफ़ बनाते हो ? क्या पतिलों कि मृत्यु होती हैं ?” बीरबल ने जवाब दिया, ” क्यों नहीं, जब पतीलों के बच्चे पैदा हो सकते हैं, तो मृत्यु भी हो सकती है।”

दुकानदार को बीरबल के पैसे वापस करने पड़े। और दुकानदार को “सेर का सवा सैर” भी मिल गया। बीरबल कि होशियारी का कोई जवाब नहीं।

Akbar Birbal Stories In Hindi सीख (Moral):– लालच करना गलत बात है ,आप हमेशा सबको बेवक़ूफ़ नहीं बना सकते।

akbar birbal stories in hindi with moral

2) बीरबल तीन प्रश्न का उत्तर दो

बीरबल, राजा अकबर के बहुत प्रिय थे। वह अपने बहुत सारे निर्णय बीरबल की चालाकी और बुद्धिमानी के बल पर सभा में लेते थे। यह देख कर कुछ दरबारीयों के मन में बीरबल के प्रति घृणा जागृत हो गयी। उन दरबारियों नें मिल कर बीरबल को बादशाह अकबर के सामने नीचा दिखने के लिए एक योजना बनाया। akbar birbal story in hindi

akbar birbal story in hindi

एक दिन भरी सभा में उन दरबारियों नें अकबर के समक्ष कहा कि अगर बीरबल हमारे 3 प्रश्नों का उत्तर दे देंगे तो हम मान जायेंगे की बीरबल से बुद्धिमान कोई नहीं। बीरबल की बुद्धि की परीक्षा लेने के लिए बादशाह अकबर हमेशा तईयार खड़े रहते थे। यह बात सुनते ही राजा अकबर नें हाँ कर दिया।

3 प्रश्न कुछ इस प्रकार के थे –

  • प्रश्न 1: असमान में कितने तारे हैं?
  • प्रश्न 2: इस धरती का केंद्र कहाँ है?
  • प्रश्न 3: इस पृथ्वी में कितने पुरुष और महिला हैं?

यह सुनते ही अकबर ने तुरंत बीरबल से कहा! अगर तुम इन प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाओगे तो तुम्हे अपने मुख्यमंत्री के पद को त्यागना पड़ेगा।

पहले प्रश्न के उत्तर के लिए, बीरबल एक घने बालों वाले भेड़ को ले आये और कहने लगे की जितने बाल इस भेड़ के शरीर में हैं उतने ही तारे आसमान में हैं। अगर मेरे दरबारी मित्र इस भेड़ के सभी बाल गिनना चाहें तो गिन सकते हैं।

दुसरे प्रश्न के उत्तर के लिए, बीरबल जमीन पर कुछ रेखाएं खीचने लगे और कुछ देर बाद उन्होंने एक लोहे की छड़ी को गाड़ दिया और कहा यह है धरती का केंद्र बिंदु। अगर मेरे दरबारी दोस्त मापना चाहते हैं तो स्वयं माप सकते हैं।

तीसरे सवाल के उत्तर में बीरबल बोले, वैसे तो यह बताना बहुत ही मुश्किल है कि इस दुनिया में पुरुष कितने हैं और महिलाएं कितनी हैं क्योंकि इस दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनको उस गणना में नहीं जोड़ा जा सकता जैसे की हमारे यह दरबारी मित्र। अगर इस प्रकार के लोगों को हम मार डालें तो हमें गणना करने में भी आसानी होगी।

यह सुनते ही सभी दरबारियों नें सर नीचे कर लिया और कहा! बीरबल, तुमसे चालक और बुद्धिमान कोई नहीं।

Akbar Birbal Stories In Hindi सीख (Moral):– सफलता प्राप्त करने का कोई न कोई रास्ता जरूर होता है बस अपनी बातों पर पक्का संकल्प रखना जरूरी है।

जरूर पढ़े Motivational shayari

akbar birbal story in hindi

3 )मूर्खों से मिली बुद्धि

akbar birbal story in hindi
akbar birbal story in hindi

सम्राट अकबर कभी जरूरत से, कभी मनोरंजन के लिए बीरबल से कठिन प्रश्न करता।Akbar Birbal Stories In Hindi

एक दिन बादशाह ने पूछा- “तुम्हें ज्यादा बुद्धि कहां से मिली?”

बीरबल- “जहांपनाह, यह मुझे मूर्खों से मिली है!”

प्रश्न जितना सरल, उत्तर उतना ही ज्यादा उलझन और चक्कर में डालने वाला, हैरान करने वाला! मूर्ख के पास तो बुद्धि होती ही नहीं, बुद्धि होती तो वे मूर्ख क्यों कहलाते। और जो चीज जिसके पास में नहीं है,  उसे वे कैसे दूसरे को दे सकते हैं? अत: अकबर से रहा नहीं गया।

बादशाह अकबर ने पूछा- “मूर्खों से?”

बीरबल- “हां! मूर्खों से।” जिस आदत और व्यवहार के कारण आदमी मूर्ख कहलाता है, मैं उनसे बचता रहा।इससे मेरा बुद्धिमान बनने का रास्ता साफ होता गया।

Akbar Birbal Stories In Hindi सीख (Moral):– समझदार बनना है तो मूर्खो की तरह मत बनो।

akbar birbal stories in hindi with moral

इस मजेदार कहनी को तो जरूर पढ़े

4 ) गधा कौन?

अकबर और बीरबल की कहानियां

एक बार अकबर अपने दो बेटों के साथ नदी के किनारे गये. साथ में बीरबल भी थे. दोनों बेटों ने अपने कपडे उतारे और नदी मे नहाने उतर गये. बीरबल को उन्होंने अपने कपडों की रखवाली करने के लिये कहा.

बीरबल नदी किनारे बैठ कर उन दोनों के आने का इंतज़ार करने लगे. कपडे उन्होंने अपने कन्धों पर रखे हुए थे. बीरबल को इस अवस्था में खडे देख अकबर के मन में शरारत सूझी. उन्होंने बीरबल को कहा, “बीरबल तुम्हे देख कर ऐसा लग रह है जैसे धोबी का गधा कपडे लाद कर खडा हो”.

बीरबल ने झट से जवाब दिया, ” महराज धोबी के गधे के पास केवल एक गधे का ही बोझ होता है किंतु मेरे पास तो तीन-तीन गधों का बोझ है”.

महाराजा अकबर शांत रह गए।

5) बादशाह का सपना

एक रात सोते समय बादशाह अकबर ने यह अजीब सपना देखा कि केवल एक छोड़कर उनके बाकी सभी दांत गिर गए हैं।

अकबर और बीरबल
अकबर बीरबल

फिर अगले दिन उन्होंने देश भर के विख्यात ज्योतिषियों व नुजूमियों को बुला भेजा और और उन्हें अपने सपने के बारे में बताकर उसका मतलब जानना चाहा।

सभी ने आपस में विचार-विमर्श किया और एक मत होकर बादशाह से कहा, “जहांपनाह, इसका अर्थ यह है कि आपके सारे नाते-रिश्तेदार आपसे पहले ही मर जाएंगे।”

यह सुनकर अकबर को बेहद क्रोध हो आया और उन्होंने सभी ज्योतिषियों को दरबार से चले जाने को कहा। उनके जाने के बाद बादशाह ने बीरबल से अपने सपने का मतलब बताने को कहा।

कुछ देर तक तो बीरबल सोच में डूबा रहा, फिर बोला, “हुजूर, आपके सपने का मतलब तो बहुत ही शुभ है। इसका अर्थ है कि अपने नाते-रिश्तेदारों के बीच आप ही सबसे अधिक समय तक जीवित रहेंगे।”

बीरबल की बात सुनकर बादशाह बेहद प्रसन्न हुए। बीरबल ने भी वही कहा था जो ज्योतिषियों ने, लेकिन कहने में अंतर था। बादशाह ने बीरबल को ईनाम देकर विदा किया।

Akbar Birbal Stories In Hindi सीख (Moral):– हमे बुरे समय में भी सकारात्मक सोचना चाहिए।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *